Mafia Hakan Ayik caught in trap of FBI then hundreds of criminals were caught – जब अमेरिकन खुफिया एजेंसी FBI के जाल में फंसा एक माफिया सरगना, फिर पकड़ लिए गए सैकड़ों अपराधी

दुनिया भर में फैले ड्रग्स के धंधे से लगभग सभी देश परेशान हैं। ऐसे में अमेरिका भी परेशान था तो उसने अपनी खुफिया एजेंसी एफबीआई (FBI) को एक काम पर लगाया। एफबीआई को निर्देश था कि वह दुनिया के अधिकतर देशों में ड्रग स्मगलिंग, मनी लॉन्डरिंग और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के धंधे को ऑस्ट्रेलिया में बैठकर चला रहे हकन अयिक को किसी तरह जाल में फंसाए। इस योजना में ऑस्ट्रेलिया की पुलिस व खुफिया विभाग ने भी मदद की।

अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने साल 2020-21 के दौरान एक मैसेजिंग एप बनाया। फिर अंडरकवर एजेंट्स ने एक करीबी की मदद से हैंडसेट ऑस्ट्रेलिया में हकन अयिक तक पहुंचाया, जिसमें यह एनॉम एप इंस्टाल था। साथ ही कहा गया कि वह अपने कामों को इस एप से जारी रख सकते हैं। किस्मत से मोस्ट वांटेड माफ़िया सरगना हकन अयिक ने इसे इस्तेमाल करना शुरू किया। हकन अयिक ने कुछ दिनों में इस एप को कई सारे बड़े अपराधियों तक पहुंचा दिया।

दरअसल, काला बाजारी की दुनिया में ऐसे 10 से 12 हज़ार इंक्रिप्टेड डिवाइस मौजूद थे, जिनमें पहले से ही ये ऐप मौजूद था। इस ऐप का इस्तेमाल करने के लिए एक कोड की ज़रूरत होती थी, इस कोड को वही शख्स दे सकता था जो पहले से इसका इस्तेमाल कर रहा हो। जब अपराधी इस एप का इस्तेमाल करने लगे तो पुलिस को हर बात की जानकारी होने लगी। हालांकि, अपराधी अनजान थे कि उनके सभी मैसेज पढ़े जा रहे हैं।

कुछ दिनों बाद दुनिया भर की एजेंसियों ने रियल टाइम अपराधों की सूची तैयार की। फिर साल 2021 में मई के अंत व जून के पहले हफ्ते में एक बड़ा ऑपरेशन चलाया गया, जिसने दुनिया भर में ड्रग्स के धंधे से जुड़े कई अपराधियों को सामने लाने में मदद की। अलग-अलग देशों की कई जांच एजेंसियां साथ आईं और कई पुलिस टीमों-अधिकारियों ने मिलकर करीब 800 अपराधी विभिन्न देशों में गिरफ़्तार कर लिए। हालांकि, इन सबके बीच अयिक नहीं पकड़ा गया और वह ऑस्ट्रेलिया से निकल गया था।

इस ऑपरेशन के बाद ऑस्ट्रेलिया फ़ेडरल पुलिस अधीक्षक जेरेड टैगार्ट ने कहा था कि, “इस ऑपरेशन में हकन अयिक की भूमिका एक स्पॉन्सर की थी। इसमें हर अपराधी की डिवाइस का तार कहीं न कहीं अयिक से जुड़ा रहा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस अंतर्राष्ट्रीय स्तर की रेड में जो भी अपराधी पकड़ा गया, वह मानता है कि अयिक के कारण ही वो बेनकाब हुए हैं। बताया जाता है कि अयिक अभी तुर्की में है और उसने अपना नाम हकान रेइस रख लिया है।



Reference-www.jansatta.com

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