Gangster Ali Budesh who call Dawood Ibrahim beggar attacked Rakesh Roshan – कहानी गैंगस्टर अली बुदेश की जो दाऊद इब्राहिम को कहता था भिखारी

मुंबई में अंडरवर्ल्ड का राज किसी से छुपा नहीं है। 60 से 90 के दशक के बीच कई सारे डॉन और गैंगस्टर हुए, इनमें से एक नाम अली बुदेश का भी था। अपने आपराधिक इतिहास में दाऊद से दोस्ती-दुश्मनी, तस्करी, रंगदारी और राकेश रोशन पर हमले को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा था। आज बात अली बुदेश की इसलिए भी क्योंकि बीते गुरुवार को बहरीन में बीमारी के चलते उसकी मौत गई।

मुंबई के घाटकोपर इलाके में पला-बढ़ा अली बुदेश की मां भारतीय थी जबकि पिता अरबी थे। अली बुदेश शुरुआत से ही जरायम की दुनिया में था। छोटे-मोटे अपराधों के चलते इलाके में उसकी भी अपराधियों में पैठ थी। कहा जाता है कि एक बार दाऊद के कुछ गुर्गों की तलाश में पुलिस पीछे पड़ी थी, तब विकरोली इलाके में अली बुदेश ने उनकी मदद की थी। जिसके बाद वह दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी के लिए काम करने लगा था।

डी-कंपनी के साथ काम करते हुए उसने रंगदारी की तरफ कदम बढ़ाया। लेकिन एक बार अली ने दाऊद के एक करीबी बिल्डर से ही रंगदारी वसूलने की बात तो मामला फंस गया। दाऊद ने उसे खूब खरी-खोटी सुनाई। जो अली बुदेश और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कभी दोस्त हुआ करते थे, वो इस कांड के बाद जानी दुश्मन बन गए। कहा जाता है कि तभी अली बुदेश ने दाऊद को जान से मारने की कसम खाई थी।

फिर अली बुदेश पर दाऊद के उस करीबी बिल्डर की हत्या का आरोप भी लगा था लेकिन अली विदेश निकल गया। उसने बहरीन को अपना ठिकाना बनाया और तस्करी का काम शुरू किया। भारत के अलावा नेपाल और पाकिस्तान में भी उसने अपने धंधे की जड़ें फैला रखी थी। इसी बीच उसने किडनैपिंग किंग बबलू श्रीवास्तव समेत कई माफियाओं से हाथ मिलाया और डी-कंपनी के गुर्गों को मरवाने लगा। वह दाऊद के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना चाहता था।

अली बुदेश बहरीन में ही बैठकर पूरे नेटवर्क को हैंडल करता था। इसके बाद उसने 90 के दशक के अंत में बॉलीवुड से जुड़े लोगों को धमकाना शुरू किया। इनमें कई डायरेक्टर, प्रोड्यूसर का नाम शामिल था। यहां तक कि राकेश रोशन पर तो बुदेश की गैंग ने जानलेवा हमला भी किया था। दरअसल, साल 2000 में ‘कहो न प्यार है’ फिल्म जबरदस्त हिट हुई थी, ऐसे में अली बुदेश प्रॉफिट में हिस्सा मांग रहा था।

जब राकेश रोशन ने अली बुदेश को हिस्सा देने से साफ मना किया तो उसके गुर्गों ने उन पर 21 जनवरी 2000 को जानलेवा हमला किया था। इस हमले में राकेश रोशन को दो गोलियां लगी थी, एक हाथ में और दूसरी सीने में। इस मामले में बुदेश गैंग के दो शूटर पकड़े गए थे। फिर साल 2018 में यूपी के बीजेपी के 19 विधायकों से रंगदारी मांगने के मामले में अली का नाम सामने आया था। लेकिन अली द्वारा कहा गया था कि उसने किसी से रंगदारी नहीं मांगी है। यह सब उसे बदनाम करने के साजिश है।



Reference-www.jansatta.com

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