Chechen militants took people hostage in Moscow Moscow theatre – जब मॉस्को के थियेटर में बिछ गई थी सैकड़ों लोगों की लाशें, पढ़िए पूरा किस्सा

दुनिया के एक हिस्से में रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है। करीब-करीब दो महीने से ज्यादा का समय हो गया है। यूक्रेन में रूस के साथ-साथ चेचेन विद्रोहियों ने भी लड़ाई में हिस्सा लिया। लेकिन कभी इन्हीं चेचेन विद्रोहियों ने रूस को बड़ा घाव दिया था। दरअसल, 23 अक्टूबर, 2002 को मध्य मॉस्को में क्रेमलिन से करीब पांच किलोमीटर दूर दुब्रोवका थियेटर में चेचेन विद्रोहियों ने नाटक देख रहे करीब 850 लोगों को बंदी बना लिया था।

मॉस्को के दुब्रोवका थियेटर में दर्शक नाटक देख रहे थे और रात 9 बजे के करीब अचानक हवाई फायरिंग हुई। पहले लोगों को लगा कि यह भाग नाटक का हिस्सा है, लेकिन देखते ही देखते 50 हथियारबंद हमलावरों ने करीब 850 लोगों को बंदी बना लिया। इन चेचेन हमलावरों में एक तिहाई महिलाएं थीं। घटना के बाद रूसी आंतरिक सुरक्षा एजेंसी एफएसबी ने माना था कि ये वो महिलाएं थीं, जिनके पति या भाई रूस से हुई लड़ाई में मारे गए थे।

करीब 50 हथियारबंद चेचेन विद्रोहियों की मांग थी कि रूसी सैनिक तुरंत और बिना शर्त चेचेन्या से हट जाएं, वरना वो बंधकों को मारना शुरू कर देंगे। कुछ देर बाद एक हमलावरों ने एक युवती को पांच गोलियां मारी, जो उनसे झगड़ रही थी। इसके बाद चेचेन हमलावरों ने करीब 150 ऐसे बंधकों को रिहा किया जो उनके लिए खतरा बन सकते थे। इनमें कुछ विदेशी लोग, रूसी महिलाएं और बच्चे शामिल थे। इन हमलावरों ने रिहा किये गए लोगों के जरिए एक संदेश भी भेजा।

इस संदेश में कहा गया था कि यदि रूसी सेना ने उन्हें मरने की कोशिश की तो एक विद्रोही के बदले 10 बंधकों की हत्या कर दी जाएगी। रूस में इस घटना से हड़कंप था और राष्ट्रपति पुतिन ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। घटना के दूसरे दिन करीब 39 बंधकों को और रिहा किया गया। पुतिन ने हमलवारों को संदेश भिजवाया कि वह सभी को छोड़ दें और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। वहीं, सीधे थियेटर में कमांडों का दाखिल होना सभी की जान के लिए खतरा था।

हालांकि, पुतिन सरकार की तरफ से अफवाह फैलाई गई कि कमांडो हमला सुबह तीन बजे होगा, जबकि असली समय पांच बजे का था। फिर रूसी कमांडो ने थियेटर के वेंटिलेशन सिस्टम से हमलवारों को शिथिल करने के लिए स्लीपिंग गैस प्रवाहित की। हमलावरों ने मास्क पहन रखे थे, लेकिन अफरातफरी के माहौल में कुछ महिला विद्रोही सुस्त होकर गिर गईं। सुबह 6 बजकर 33 मिनट में 200 रूसी सैनिक थियेटर में घुसे और कई हमलावरों को ढेर कर दिया गया।



Reference-www.jansatta.com

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