Know About CIA first chief technology officer indian origin man nand mulchandani – अमेरिकाः पहली बार CIA का चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर बना कोई भारतवंशी, जानें कैसे पहुंचे इस मुकाम तक

भारतीय मूल के नंद मूलचंदानी को अमेरिकी खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी का चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर नियुक्ति किया गया है। गौरतलब है कि सीआईए ने पहली बार चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर की नियुक्ति की घोषणा की है। इसकी जानकारी CIA ने 29 अप्रैल की देर रात एक ट्वीट के जरिए दी। नंद मूलचंदानी ने दिल्ली के एक स्कूल से पढ़ाई की है।

सीआईए ने इस नियुक्ति को लेकर लिखा कि एजेंसी सीआईए के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए मूलचंदानी के 25 से अधिक वर्षों के अनुभव का लाभ मिलेगा। CIA ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में जानकारी दी है कि मूलचंदानी को प्राइवेट, स्टार्टअप और सरकारी सेक्टर में काम करने का 25 सालों से अधिक का अनुभव है।

सीआईए ने बताया कि नंद मूलचंदानी सिलिकॉन वैली और अमेरिकी रक्षा विभाग में कई सालों तक अपनी सेवा दे चुके हैं। वह साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में काम कर चुके हैं। CIA के निदेशक विलियम जे बर्न्स ने कहा कि नंद की नियुक्ति एजेंसी के लिए एक बड़ा कदम है। क्योंकि अमेरिकी खुफिया एजेंसी साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने पर अपना फोकस कर रही है। ऐसे में इन खतरों से निपटने के लिए रणनीति में सुधार करना अहम लक्ष्य है।

अपनी नियुक्ति पर क्या कहा: बता दें कि नंद चीन के खिलाफ CIA के टेक्नोलॉजी दृष्टिकोण को भी सुधारने के लिए भी जिम्मेदार होंगे। वहीं अपनी नियुक्ति को पर नंद ने कहा कि इस भूमिका के साथ मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। CIA से जुड़ना मेरे लिए गर्व की बात है। एजेंसी के टेक्नोलॉजिस्ट्स और डोमेन एक्सपर्ट्स की धाकड़ टीम के साथ काम करने में इच्छुक हूं।

बता दें कि मूलचंदानी एक उद्यमी हैं जिन्होंने ऑब्लिक्स, डिटरमिना, ओपनडीएनएस और स्केलएक्स्ट्रीम जैसे कई स्टार्टअप्स की सह-स्थापना की है और उनके सीईओ रह चुके हैं।

शिक्षा: इस मुकाम तक पहुंचने से पहले मूलचंदानी ने न्यू यॉर्क स्थित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर विज्ञान और गणित में डिग्री हासिल की। इसके बाद मूलचंदानी ने स्टैनफोर्ड से मैनेजमेंट में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की और साथ ही हार्वर्ड से लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री हासिल की। मूलचंदानी ने 1979 से 1987 के बीच दिल्ली के ब्लूबेल्स स्कूल इंटरनेशनल में शिक्षा ग्रहण की थी।



Reference-www.jansatta.com

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