Blasphemy case filed against Imran Khan Pak minister says former PM will be arrested soon- पूर्व पीएम इमरान खान पर ईशनिंदा का केस दर्ज, पाकिस्‍तान सरकार के मंत्री ने कहा- जल्‍द होगी गिरफ्तारी

मदीना में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ नारेबाजी करने के मामले में पूर्व पीएम इमरान खान और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी हो सकती है। रविवार (1 मई, 2022) को शहबाज सरकार में गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने इसके संकेत दिए। पिछले गुरुवार को सऊदी अरब के मदीना में शहबाज शरीफ को पूर्व पीएम के समर्थकों द्वारा कथित रूप से परेशान किए जाने के बाद फैसलाबाद में इमरान खान और 150 अन्य लोगों के खिलाफ ईशनिंदा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा कि इमरान खान को “प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मदीना जाने वाले उनके प्रतिनिधिमंडल के खिलाफ नारेबाजी” से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया जाएगा। मामले में पूर्व गृह मंत्री शेख राशिद और इमरान खान के चीफ ऑफ स्टाफ शाहबाज गिल समेत अन्य को भी आरोपी बनाया गया है।

क्या हुआ?
सोशल मीडिया पर इस वाकिए का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शहबाज शरीफ और उनका प्रतिनिधिमंडल जैसे ही मदीना में पैगंबर की मस्जिद में पहुंचा, तभी इमरान खान के कथित समर्थकों ने चोर-चोर के नारे लगाना शुरू कर दिया। हालांकि, इमरान खान ने इस मामले से खुद को दूर कर लिया है। उन्होंने शनिवार (30 अप्रैल, 2022) को एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि वह किसी को भी पवित्र स्थान पर नारे लगाने के लिए कहने की कल्पना भी नहीं कर सकते।

मोदी क्‍यों नहीं कहते मेरा तोहफा, मेरी मर्जी, पाकिस्‍तान की पत्रकार नायला इनायत ने इमरान खान पर कसा तंज
वहीं, पाकिस्तान की एक पत्रकार नायला इनायत ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक वीडियो पोस्ट करते हुए इमरान खान पर तंज कसा है। नायला ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “मोदी इमरान खान की तरह ‘मेरा तोहफा, मेरी मर्जी’ क्यों नहीं कह रहे हैं? भारतीय प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे उन्होंने तोशाखाना से राज्य के उपहारों की नीलामी की और लड़कियों की शिक्षा के लिए दान किया।”

इस वीडियो में पीएम मोदी कह रहे हैं कि जब वे गुजरात के सीएम थे तो लोग उन्हें खूब उपहार देते थे। वे इन उपहारों को सराकर के ट्रेजरी, जिसे तोशाखाना कहते हैं, उसमें डाल देते थे और उसकी नीलामी करते थे और इससे जो पैसा मिलता था उसे गर्ल-चाईल्ड एजुकेशन के लिए डोनेट कर देते थे।



Reference-www.jansatta.com

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