Sri Lanka Prime Minister Mahinda rajpaksa resigned amid Economic crisis in the country- भारी विरोध के बाद PM महिंदा राजपक्षे ने दिया इस्तीफा, जानिए अब किसके हाथ में रहेगी सत्ता

श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने सोमवार (9 मई, 2022) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। देश इस वक्त अपने इतिहास के सबसे भीषण आर्थिक संकट से गुजर रहा है। राजपक्षे के इस्तीफे के बाद एक नए मंत्रिमंडल का मार्ग प्रशस्त होने की संभावना है।

श्रीलंका के डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिनों पहले राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने शुक्रवार (6 मई, 2022) को एक विशेष बैठक में प्रधानमंत्री से देश में चल रहे राजनीतिक संकट के समाधान के लिए पद छोड़ने का अनुरोध किया था। अब जब प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दे दिया है, उम्मीद है कि राष्ट्रपति राजपक्षे संसद में सभी राजनीतिक दलों को एक सर्वदलीय मंत्रिमंडल बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राजपक्षे ने लोगों से संयम बरतनी की अपील की है। उन्होंने एक ट्वीट करते हुए कहा, “जब भावनाएं उच्च स्तर चल रही हैं, हमें यह याद रखना जरूरी है कि हिंसा सिर्फ हिंसा को जन्म देती है। हम जिस आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं, उसके लिए एक आर्थिक समाधान का आवश्यकता है।”

गौरतलब है कि इस वक्त श्रीलंका में आर्थिक संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसमें आर्थिक संकट को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों और महिंदा राजपक्षे के समर्थकों के बीच सोमवार को हिंसक झड़प हो गई। राजपक्षे के समर्थकों के हमले में 16 लोग घायल हो गए।

महिंदा के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए, श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर कुमार संगकारा ने कहा, “केवल आपके ‘समर्थकों’ द्वारा हिंसा की गई थी, जो शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला करने से पहले आपके कार्यालय में आए थे।”

महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे के बौद कौन होगा नया प्रधानमंत्री
महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे के बाद सबकी नजरें अब इस पर टिकी हैं कि श्रीलंका का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा। इसके बाद उम्मीद है कि राष्ट्रपति राजपक्षे सभी राजनीतिक दलों को एक सर्वदलीय बैठक के लिए बुला सकते हैं, जिसमें इस मसले पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले, विपक्षी दल समागी जाना बालवेगया (एसजेबी) ने पुष्टि की थी कि उसके नेता साजिथ प्रेमदासा अंतरिम सरकार में पीएम का पद स्वीकार नहीं करेंगे।

रविवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कहा कि देश में राजनीतिक गतिरोध और आर्थिक अस्थिरता को समाप्त करने के लिए बार एसोसिएशन ऑफ श्रीलंका की तरफ से भेजे गए प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। बार एसोसिएशन की तरफ से दिए गए प्रस्ताव में एक अंतरिम सरकार के गठन की बात भी कही गई है, जो राष्ट्रपति शासन की व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त कर देगी।

राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के मुताबिक, इन प्रस्तावों पर संवैधानिक फ्रेमवर्क की सीमाओं के अंदर ही विचार किया जाएगा। रविवार को बार एसोसिएशन ने राष्ट्रपति, उनके बड़े भाई, महिंदा राजपक्षे, विपक्ष के नेता सजिथ प्रेमदास, पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और सत्ताधारी एसएलपीपी गठबंधन के साथ बैठक की थी।



Reference-www.jansatta.com

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